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नशा करता है नाश

नशा करता है नाश

नशे के नुकसान
     नशा चाहे शराब,सुल्फा,अफीम, बीड़ी,सिगरेट आदि किसी भी प्रकार का करते हो, यह सर्वनाश का कारण बनता है। नशा सर्वप्रथम तो इंसान से शैतान बनाता है। उसके बाद शरीर का नाश करता है। यदि कोई व्यक्ति शराब पीता है तो उस से सभी घर परिवार बीबी बच्चे सब दुःखी रहते है। क्योंकि नशा करने के बाद इंसान को यह पता नहीं रहता कि वो क्या कर रहा है उस समय उस को सही गलत का पता नही रहता है वह बच्चों को मारेगा घर मे कलेश रहेगा जिससे रिश्तों में दरार पड़ जाती है बच्चों की मानसिक स्थिति खराब हो जाती है। यह सत्य है कि जो इंसान नशा करता है उसके बच्चों की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता हैं क्योंकि आगे चलकर छोटे छोटे बच्चे भी नशा करने लग जाते है जिससे समाज मे बुराई फैलती है।

नशे से शरीर को होने वाले नुकसान

नशा मनुष्य शरीर को नष्ट जीवन शक्ति वाला बना देता है। मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। उसके स्थान पर धुँआ यानी कार्बनडाई ऑक्साइड को लेते है। जिससे शरीर रोगी बनता चला जाता है। हमारे शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग है 1 फेफड़े 2 लिवर 3किडनी 4 हृदय। शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। तम्बाकू फेफड़ों तथा रक्त को दूषित करता है जिससे शरीर मे गंभीर बीमारी पैदा हो जाती है। नशे से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ता है जिसका डॉक्टरों के पास भी कोई परमानेंट इलाज नहीं है।


यदि हम नशा करते है हुक्का पीते है। यदि वह एक अच्छी चीज है तो अपने बच्चों को भी अपने साथ पीने दो बच्चों को क्यों बोलते है कि यह गलत है। जिस प्रकार यदि दूध पी रहे है है और यदि उस समय अपना छोटा बालक आ जाये तो उसको तुरंत दूध पिला देते है । तो क्यों ना उसको सिगरेट बीड़ी हुक्का पीने को दे साथ बैठाकर पिलाओ । ऐसा हम नही कर सकते क्योंकि यह एक गलत चीज है । फिर हम क्यो करते है ऐसा हमको नशा छोड़ना होगा।

भगवान की भक्ति में नशा बाधक तो नही है

हम सब किसी न किसी भगवान की भक्ति करते है। और नशा भी करते है जो कि भगवान के विधान के विरुद्ध है। हमारे पवित्र सद्ग्रन्थों में बताया है कि जो व्यक्ति शराब तम्बाकू आदि का सेवन करता है उसकी भगवान भी सहायता नहीं करता है। चाहे रोज भक्ति साधना करता रहे।
परमात्मा ने कहा है कि
मदिरा पीवै कड़वा पानी। सत्तर जन्म श्वान(कुत्ते) के जानी।।
हुक्का हरदम पिवते,लाल मिलावे धुर।
इसमें संशय है नहीं, जन्म पिछले सुअर।।
भगवान के विधान के अनुसार नशा करने वालों को घोर नरक में जाना पड़ता है। तो क्यों हम इस बुराई को अपने शिर पर ले हमे नशा तुरंत त्याग देना चाहिए।


नशे से छुटकारा कैसे पाएं

आज बहुत से लोग नशे की बीमारी से पीड़ित है। वो नशा छोड़ना चाहते है लेकिन छूट नहीं रहा है।तो हम आपको बता रहे है कि कैसे आपको नशे से छुटकारा पाया जा सकता है तथा यदि कोई रोग भी हो गया तो उससे कैसे मुक्ति पाई जा सकती है। नशा सत भक्ति करने से छूट जाता है आज लाखों की संख्या में लोग सत भक्ति विधि को अपना कर नशा तथा गंभीर बीमारी से मुक्ति पा चुके है । वो एक अच्छा इंसान का जीवन जी रहे है। आज संत रामपाल जी महाराज जी सभी शास्त्रों से प्रमाणित भक्ति विधि बता रहे है जिससे उनके अनुयायियों को लाभ ही लाभ मिल रहे है। तो हम देरी क्यों करे।



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