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Showing posts from May, 2020

नशा करता है नाश

नशा करता है नाश नशे के नुकसान       नशा चाहे शराब,सुल्फा,अफीम, बीड़ी,सिगरेट आदि किसी भी प्रकार का करते हो, यह सर्वनाश का कारण बनता है। नशा सर्वप्रथम तो इंसान से शैतान बनाता है। उसके बाद शरीर का नाश करता है। यदि कोई व्यक्ति शराब पीता है तो उस से सभी घर परिवार बीबी बच्चे सब दुःखी रहते है। क्योंकि नशा करने के बाद इंसान को यह पता नहीं रहता कि वो क्या कर रहा है उस समय उस को सही गलत का पता नही रहता है वह बच्चों को मारेगा घर मे कलेश रहेगा जिससे रिश्तों में दरार पड़ जाती है बच्चों की मानसिक स्थिति खराब हो जाती है। यह सत्य है कि जो इंसान नशा करता है उसके बच्चों की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता हैं क्योंकि आगे चलकर छोटे छोटे बच्चे भी नशा करने लग जाते है जिससे समाज मे बुराई फैलती है। नशे से शरीर को होने वाले नुकसान नशा मनुष्य शरीर को नष्ट जीवन शक्ति वाला बना देता है। मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। उसके स्थान पर धुँआ यानी कार्बनडाई ऑक्साइड को लेते है। जिससे शरीर रोगी बनता चला जाता है। हमारे शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग है 1 फेफड़े 2 लिवर 3किडनी 4 हृदय। शराब सर्वप्रथम...

भरथरी की कथा

भरथरी की कथा भरथरी राजा था। इनके छोटे भाई का नाम विक्रम था। भरथरी की रानी का नाम पींगला था। सुंदरता में परी से कम नहीं थी, परंतु चरित्रहीन थी। राजा भरथरी पींगला से बहुत प्यार करता था तथा अत्यंत विश्वास करता था। एक दिन विक्रम ने अपनी भाभी जी को एक नौकर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। नौकर घोड़ों की देख-रेख करने वाले नौकरों का मुखिया था। उसे दरोगा की उपाधि प्राप्त थी। पींगला ने विक्रम को रास्ते से हटाने के लिए षड़यंत्रा रचा। खाना-पीना त्याग दिया। राजा ने पूछा तो बताया कि तेरे भाई ने मेरी इज्जत पर हाथ डाला है। राजा को अपने भाई पर पूर्ण विश्वास था कि विक्रम यह गलती नहीं कर सकता, तू गलत कह रही है। परंतु कहावत है कि बद त्रीया चरित्रा जाने ना कोई। खसम मार कर सती होई।। अंत में राजा ने पत्नी मोह में अपने भाई को दोषी करार दे दिया। पींगला ने कहा कि इसको जंगल में जाकर मारकर डाल आएँ। इसकी आँखें निकालकर लाएँ। मुझे दिखाएँ तो मैं जीवित रहूँगी, नहीं तो मरूँगी।राजा भरथरी ने अपने नौकरों को यही आदेश दे दिया। जब नौकर लेकर चले, तब विक्रम ने कहा कि भाई साहब! आपको यह स्त्री मरवाएगी। आपको दुनिया से...

नशे से छुटकारा कैसे पाए

नशे से छुटकारा कैसे पाए आधुनिक समय में नशे जैसी गंभीर आदत से सभी दुःखी है हम नशे को छोड़ना चाहते है लेकिन छोड़ नहीं पा रहे है। नशे के कारण व्यक्ति से समाज ,परिवार , घर के सभी सदस्य दुःखी रहते है। इसलिए नशा करना बहुत गलत आदत है यह आदत व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार बना देता है। हमारा शरीर प्राकृतिक चीजों को खाने के लिए बना है। नशे के लिए नहीं। नशे को कैसे छोड़े आज के समय में नशे जैसी गलत आदत को छोड़ना चाहते है।लेकिन छोड़ नही पा रहे है। संत रामपाल जी महाराज जी ने एक बहुत बड़ी मिशाल कायम की है। उनका कोई भी अनुयायी नशा नहीं करता न ही किसी की नशा करने में सहायता करता है। तो आप भी संत रामपाल जी महाराज जी की शरण ग्रहण करके इस नशे जैसी गलत आदत को छोड़कर अपने इस मनुष्य जीवन को सफल बना सकते है। अधिक जानकारी के लिए आप पवित्र पुस्तक जीने की राह पढ़े। ↓ जीने की राह

आद्यात्मिक तरीके से कैसे निपट सकते है कोरोना से

आद्यात्मिक तरीके से कैसे निपट सकते है कोरोना से आओ जाने कोरोना जैसी महामारी क्यो फैलती है क्या कारण है आज के समय मे सर्व मानव समाज बहुत ही गलत कार्यों को अंजाम दे रहा है। बहुत अत्याचार कर रहा है जीवित प्राणियों को मारकर खा रहा है जो कि प्रकृति के विरुद्ध है हम सभी ईश्वर जैसी शक्ति को मानते भी है और उनके द्वारा बनाये गए नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे है। जिससे आज हम कोरोना जैसी महामारी का सामना कर रहे है। क्या ईश्वर कोरोना को ठीक कर सकता है आज सारा संसार कोरोना जैसी गंभीर महामारी से पीड़ित है कोई ईलाज नहीं मिल रहा है । लेकिन आध्यात्मिक तरीके से इसका इलाज किया जा सकता है। हम सभी ईश्वर जैसी परम शक्ति को मानते है पूजा अर्चना करते है पर वास्तविक विधि से नही। हम जिस भी धर्म को मानते है यदि उस धर्म के पवित्र ग्रंथ को देखें और उस में जिस ईश्वर को परम शक्ति बताया है उस की साधना उस के कृपा पात्र संत के द्वारा बताई विधि से की जाए तो वो ईश्वर कोरोना से भी भयंकर कोई भी रोग क्यो ना हो सब को ठीक कर देता है। हमारे पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते है कि कबीर परमात्मा किसी भी महामारी को ठीक कर दे...